सत्यमेव जयते
अभी ६ मई से स्टार प्लस पर प्रसारित आमिर खान द्वारा
निर्मित कार्यक्रम सत्यमेव जयते को जनता की अपार सराहना प्राप्त हुई| इस
कार्यक्रम के द्वारा कन्या भ्रूंड हत्या और बाल यौन शोषण जैसे बेहद ही संवेदनशील
मुद्दों को उठाया गया| इस कार्यक्रम के माध्यम से समाज के
काले चेहरे को बेनकाब किया गया है| हालांकि इस तथ्य को गले
से उतारना बड़ा ही कष्टप्रद है की कैसे एक नन्हीं सी जान को दुनिया में आँखे
खोलने से पहले ही बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया जाता है और कैसे नन्हे निर्दोष
मासूमों को अपनी हवस का शिकार बनाकर उनको पूरे जीवनभर के लिए मानसिक यातना झेलने
का श्राप मिल जाता है, परन्तु यही वर्तमान समाज की
हकीकत है|
इस कार्यक्रम के पहले एपिसोड के माध्यम से यह तथ्य उभरकर
सामने आया है की, कन्या भ्रूंड हत्या जैसे पाप
में उच्चशिक्षित वर्ग भी पीछे नहीं है| उच्चशिक्षित घरो में भी कन्या
भ्रूंड हत्या के लिए गर्भवती महिलाओं को बाध्य किया जा रहा है| यह स्तिथि 'दिया तले अँधेरा' वाली कहावत को चरितार्थ करती है| जहाँ
चिकित्सक को भगवान का दर्जा दिया गया हो, वहीं अगर रक्षक भक्षक बनने पर उतारू हो जाये तो क्या किया जा सकता है|
सात साल पहले दो पत्रकारों द्वारा किये गए स्टिंग ऑपरेशन को
पुनर्जीवित किया गया, जिसमे कन्या भ्रूंड हत्या में लिप्त १४० डाक्टरों का विडियो दिखाया गया|
७ साल के बाद भी इतने बड़े मुद्दे पर कोई कार्यवाई नहीं होने को
सरकार की नाकामी ही कहा जायेगा| इसके साथ ही चौंकाने वाली ये
बात भी सामने आई है कि, हमारे देश में बाल यौन शोषण के खिलाफ
कोई भी चलित कानून अस्तित्व में नहीं है| यह बात हमारी कानून
व्यवस्था कि विफलता को दर्शाती है| इस कार्यक्रम से ना केवल लोगों में जागरूकता का
विस्तार होगा, इसकी सहायता से कानून की
कार्यप्रणाली में सकारात्मक बदलाव लाने की पहल की जा रही है| दो
पत्रकारों द्वारा किये गए बहादुरी पूर्ण स्टिंग ऑपरेशन को व्यर्थ ना जाने देने के
लिए आमिर खान ने उक्त सनसनीखेज़ खुलासों के खिलाफ मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखकर उन
मामलों को फास्ट ट्रैक कोर्ट में लाने की अपील की है| इसके
अतिरिक्त मुख्यमंत्री से व्यक्तिगत तौर पर मिलकर अपनी
बात उनके सामने रखी| दूसरे विषय बाल यौन शोषण के खिलाफ सख्त
से सख्त कानून बनाये जाने के पक्ष में भी आमिर खान ने अपील की है| उक्त दोनों ही प्रयास अत्यंत सराहनीय हैं| इससे ना
केवल एक प्रभावी कानून बनने की आशा जाग्रत होती है, पालकों में भी बाल शोषण को
लेकर एक चेतना आएगी| अमूमन बच्चे अपने माता पिता से दोस्ताना सम्बन्ध होने पर भी इस प्रकार की
बातें बताने में संकोच महसूस करते हैं| इसलिए माता पिता को
चाहिए की वह खुद पहल करें और खुद इन सब घटनाओं को लेके बच्चों को सचेत करें|
जिससे बच्चे माता पिता को दुर्घटना के आभास होने पर सूचित करके किसी
भी भयावह स्तिथि में पड़ने से बच सकते हैं|
बाल यौन शोषण के सन्दर्भ में एक और बात सामने आई है कि
पीड़ितों में ५३% लड़के हैं| आमतौर पर माता पिता लड़कों के
मामले में इस प्रकार से कुछ सोचते ही नहीं, और उनकी सुरक्षा
पर ध्यान नहीं दिया जाता| इस कार्यक्रम से इन दोनों
संवेदनशील मुद्दों के समस्त पहलुओं कि ओर जनता का ध्यान आकर्षित किया गया है,
परन्तु कुछ तथ्य अभी भी अन्धकार में हैं| दहेज़
प्रथा ही कन्या भ्रूंड हत्या कि जड़ में छिपा हुआ है| आम
मध्यमवर्गीय परिवार में बेटी के हाथ पीले करना हमेशा से ही महंगा सौदा रहा है|
पहले तो महंगी होती शिक्षा फिर भारी दहेज़ कि मांग आम इंसान कि
आर्थिक स्तिथि की कमर तोड़ के रख देती है| इसलिए क्यों न उस
बच्ची को इस दुनिया में आने से पहले ही मौत की नींद सुला दिया जाये ऐसा सोचकर लोग
भ्रूंड हत्या जैसे पाप को अंजाम दे रहे हैं और लालची डाक्टरों का धंधा फल-फूल रहा
है| साथ ही इस पहलू पर भी ध्यान देना होगा की बाल यौन
शोषण जैसे घिनौने अपराध में अपराधी सिर्फ पुरुष ही नहीं बल्कि औरतें भी इस पाप को
अंजाम देती हैं|
आमिर खान का यह प्रयास बहुत ही सराहनीय है| इसके द्वारा आमिर ने समाज की इस भ्रान्ति को तोड़ा है, की फ़िल्मी सितारे सिर्फ शोहरत की चकाचौंध में खोये रहकर समाज की परेशानियों से सरोकार नहीं रखते वरन वे भी इस समाज का हिस्सा
बनकर कुछ बदलाव ला सकते हैं| अब देखना यह है की क्या इस
कार्यक्रम के माध्यम से सचमुच बदलाव आएगा? या ये भी अन्य
कार्यक्रमों की तरह टी. आर. पी. की दौड़ का हिस्सा बनकर रह जायेगा? हर
जिम्मेदार और संवेदनशील भारतीय नागरिक इस कार्यक्रम को लेकर आशान्वित है क्योंकि
आज हमें इन दुष्कर्मों से समाज को बचाने की सख्त जरुरत है| इसके
लिए आमिर खान का यह प्रयास नींव का पत्थर साबित हो सकता है| आगे
के लिए ढेरों शुभकामनायें|
All the best Amir..
ReplyDeletenice work !
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